Sawan 2026: Ganga Aarti and Cleanliness Pledge Taken on First Day in Varanasi

Sawan 2026 Varanasi Ganga Aarti
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Sawan 2026 Varanasi Ganga Aarti: सावन के प्रथम दिन काशी में गंगा आरती के साथ स्वच्छता और जल संरक्षण का लिया गया संकल्प

वाराणसी: भगवान शिव के प्रिय मास सावन के प्रथम दिन धर्मनगरी काशी में श्रद्धा, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने मां गंगा की आरती उतारी तथा गंगा की स्वच्छता और जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों और गंगा सेवकों ने श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने का संदेश दिया। गंगा तट पर “गंगा स्वच्छता” और “जल बचाओ” जैसे नारों के बीच लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।


Sawan 2026 Varanasi Ganga Aarti: गंगा संरक्षण का दिया गया संदेश

कार्यक्रम में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि जल और प्रकृति के महत्व को समझने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जल संरक्षण और नदियों के महत्व का संदेश देती है तथा सभी को जल बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।


Sawan 2026 Varanasi Ganga Aarti: सिंगल यूज़ प्लास्टिक से दूरी की अपील

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने की शपथ ली। वक्ताओं ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक दायित्व है।


Sawan 2026 Varanasi Ganga Aarti: बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

सावन के पहले दिन आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांवड़िए, गंगा सेवक और स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन गंगा आरती और स्वच्छता अभियान के साथ हुआ, जिसमें लोगों ने गंगा घाटों को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया।


मुख्य बातें (Highlights)

  • सावन के प्रथम दिन वाराणसी में गंगा आरती का आयोजन।
  • श्रद्धालुओं ने गंगा स्वच्छता और जल संरक्षण का लिया संकल्प।
  • नमामि गंगे अभियान के तहत लोगों को किया गया जागरूक।
  • सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने की दिलाई गई शपथ।
  • बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।