69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: न्याय की मांग में सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। वर्षों से नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के नारे थे— “योगी बाबा न्याय करो, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो” और “न्याय नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो।”
69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: दो हिस्सों में बंटा प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी दो अलग-अलग समूहों में बंट गए।
- पहला समूह Charbagh Railway Station के पास भीख मांगकर विरोध करता नजर आया।
- दूसरा समूह Vidhan Bhavan Lucknow का घेराव करने पहुंच गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और कमजोर कानूनी पैरवी के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है।
69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प
विधान भवन घेराव के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। करीब आधे घंटे तक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक चली। महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार:
- चूड़ियां तोड़ी गईं
- कपड़े फाड़े गए
- महिलाओं को घसीटा गया
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और Eco Garden Lucknow भेज दिया।

69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: भीख मांगकर जताया विरोध
चारबाग रेलवे स्टेशन के पास अभ्यर्थियों ने भीख मांगकर विरोध दर्ज कराया। देवरिया से आए अभ्यर्थी धनंजय गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने ₹470 भीख में जुटाए थे, जो यात्रा और भोजन के लिए थे।
उनका आरोप है कि विधान भवन घेराव के दौरान पुलिस ने यह पैसा छीन लिया। उनका कहना है कि अब उन्हें घर लौटने के लिए फिर से भीख मांगनी पड़ेगी।
69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: 5 वर्षों से न्याय की मांग
रायबरेली से आए अभ्यर्थी अमित मौर्य ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले के कारण हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा:
- पिछले 5 वर्षों से संघर्ष जारी
- कई बार मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मुलाकात
- सैकड़ों प्रदर्शन और धरना
- सुप्रीम कोर्ट में 30 से ज्यादा सुनवाई
अभ्यर्थियों का आरोप है कि Supreme Court of India में सरकार की कमजोर पैरवी के कारण नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई है।

69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ: बार-बार आश्वासन, लेकिन नियुक्ति नहीं
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लगातार अलग-अलग जिलों से किराया खर्च करके लखनऊ आते हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। बेरोजगारी की स्थिति में उनके लिए छोटे खर्च भी बड़ी चुनौती बन गए हैं।
अभ्यर्थियों ने कहा कि:
- कई बार आवास घेराव किया
- मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात की
- हर बार सिर्फ आश्वासन मिला
69000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन लखनऊ:बलपूर्वक हटाए गए प्रदर्शनकारी
स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख पुलिस ने सख्ती दिखाई।
- कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया
- महिला अभ्यर्थियों को महिला पुलिस ने हटाया
- कई लोगों को जबरन गाड़ियों में बैठाया गया
इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले जाया गया।
निष्कर्ष
69000 शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय और नियुक्ति नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।


