स्मार्ट मीटर ‘स्मार्ट चीटर’ बनकर जनता को लूट रहा? यूपी में आंदोलन का ऐलान

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश
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स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर ‘स्मार्ट चीटर’ बनकर जनता को लूट रहा? यूपी में आंदोलन का ऐलान

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर राजनीतिक और जनसरोकार की बहस तेज हो गई है। Sanjay Singh, जो Aam Aadmi Party के राज्यसभा सांसद हैं, ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बताया है। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर की वजह से बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और बिलों में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: बिजली बिल में कई गुना बढ़ोतरी का दावा

संजय सिंह का कहना है कि पहले जहां उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल लगभग 1500 रुपये आता था, वहीं अब कई इलाकों में यह बढ़कर 6000–7000 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर की रफ्तार इतनी तेज है कि यह Milkha Singh से भी तेज भाग रहा है।
उनके अनुसार, यह सिर्फ तकनीकी बदलाव का मुद्दा नहीं बल्कि उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालने वाला मामला है।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: प्रीपेड मीटर पर भी उठे सवाल

सांसद ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के बाद भी लोगों को बिजली आपूर्ति में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि रिचार्ज कराने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को 10–12 घंटे तक बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने इसे सेवा व्यवस्था की गंभीर खामी बताते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता समय पर भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें निर्बाध बिजली मिलनी चाहिए।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: 80 लाख मीटर में 70 लाख प्रीपेड होने का दावा

संजय सिंह ने बताया कि Uttar Pradesh में लगाए गए करीब 80 लाख स्मार्ट मीटरों में से लगभग 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ विषय बन चुका है।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: 3 मई से राज्यव्यापी आंदोलन

इन आरोपों के साथ आम आदमी पार्टी ने राज्य में स्मार्ट मीटर के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, 3 मई से पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान, जनजागरण कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस आंदोलन का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उजागर करना और सरकार से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग उठाना है।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: सरकार से जवाब की मांग

संजय सिंह ने सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का मकसद उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देना होना चाहिए, न कि उन्हें आर्थिक दबाव में डालना। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि तकनीकी या बिलिंग से जुड़ी कोई समस्या है तो उसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

स्मार्ट मीटर स्मार्ट चीटर उत्तर प्रदेश: उपभोक्ताओं के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?

स्मार्ट मीटर परियोजना का उद्देश्य बिजली खपत की सटीक निगरानी, बिलिंग में पारदर्शिता और बिजली चोरी रोकना बताया जाता है। लेकिन यदि उपभोक्ताओं को बिल बढ़ोतरी और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो यह परियोजना सवालों के घेरे में आ सकती है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति और जनचर्चा में और अधिक प्रमुखता से उभर सकता है।