प्रियंका गांधी महिला आरक्षण बिल बयान: सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश
प्रियंका गांधी महिला आरक्षण बिल बयान ने शनिवार को राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में सीटें बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन बिल के गिरने को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और केंद्र सरकार पर सत्ता में बने रहने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर विफल कर दिया।
प्रियंका गांधी महिला आरक्षण बिल बयान: लोकसभा में बिल गिरने पर प्रियंका गांधी की पहली प्रतिक्रिया
प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकसभा में जो हुआ वह लोकतंत्र की जीत है। उनके अनुसार सरकार सीटों की संख्या बढ़ाकर राजनीतिक समीकरण बदलना चाहती थी।
उन्होंने कहा:
- सरकार सत्ता में बने रहने के लिए नई रणनीति बना रही थी
- महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की जा रही थी
- विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने की तैयारी थी
प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष ने एकजुट होकर इस प्रयास को रोक दिया, जो लोकतंत्र के लिए जरूरी था।
संविधान का 131वां संशोधन बिल क्यों गिरा?
शुक्रवार को लोकसभा में सरकार ने संविधान का 131वां संशोधन बिल पेश किया था। इस बिल के तहत संसद की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था।
लेकिन यह बिल 54 वोट से गिर गया और सरकार इसे पास कराने में सफल नहीं हो पाई।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यह कदम महिलाओं के अधिकारों के नाम पर राजनीतिक फायदा लेने की रणनीति थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की 4 बड़ी बातें
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कई अहम बातें कहीं:
1. पीएम की स्पीच से हम चौंक गए
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण में यह कहा गया कि अगर आप सहमत नहीं होंगे तो यहां नहीं बैठ सकते। इससे विपक्ष प्रधानमंत्री की मंशा को लेकर हैरान रह गया।
2. परिसीमन के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार का असली मकसद परिसीमन के जरिए सत्ता में बने रहना था। उनके अनुसार महिलाओं के नाम पर यह राजनीतिक योजना बनाई गई थी।
3. महिला विरोधी कहकर मसीहा बनने की कोशिश
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चाहती थी कि यदि बिल पास न हो तो विपक्ष को महिला विरोधी साबित किया जाए।
4. विपक्ष के विरोध से खुशी
उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के लिए नहीं बल्कि परिसीमन के लिए था और विपक्ष ने सही समय पर विरोध किया।
स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को संसद और देश की महिलाओं पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने की बात करती है, लेकिन प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है। इसे उन्होंने कांग्रेस का दोहरा रवैया बताया।
किरेन रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस बिल का पास न होना देश की महिलाओं के लिए नुकसान है।
उन्होंने कहा:
- महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास असफल रहा
- कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप
- महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मनाना गलत
उनके अनुसार यह किसी पार्टी की नहीं बल्कि महिलाओं की हार है।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में रैली के दौरान कहा कि सरकार पहले ही 2023 में महिला बिल पास कर चुकी थी, जिसमें परिसीमन छिपा हुआ था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करना था और विपक्ष ने संसद में इस बिल को हरा दिया।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर बढ़ी राजनीतिक बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन गया है।
एक तरफ विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति बता रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार इसे महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास बता रही है।
निष्कर्ष
प्रियंका गांधी महिला आरक्षण बिल बयान ने देश की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। संसद में बिल गिरने के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है और महिला आरक्षण पर नई रणनीतियां सामने आ सकती हैं।


